kisan bill 2020 in hindi जानिए क्या है किसान विधेयक बिल 2020 (new agriculture bill 2020 in hindi)

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कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य

agriculture bill 2020 in hindi हाल कोरोना के समय मे रोजगार सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ हैं। इस समय देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बिती 3 जून 2020 को देश मे कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य संवर्धन ओर सुविधा के इस अध्यादेश को मंजूरी दे दी हैं। मोदी सरकार इसे ऐतिहासिक ओर कृषि सुधार कह रही हैं वही किसान भी इसका विरोध करते दिखे।

new agriculture bill 2020 in hindi

बीते 3 जून को सरकार ने 3 अध्यादेश जारी किए जिसमे

  1. कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य 2020।
  2. मूल आश्वासन पर किसान समझौता ओर कृषि सेवा अध्यादेश 2020।
  3. आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में संसोधन।

मुख्य रूप से शामिल हैं।

हम हमारे इस लेख में इन्ही तीनो अध्यादेशों के बारे में जानेंगे तो आप इस लेख को अंतिम तक पढ़े।

कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य 2020।

यह बिल/अध्यादेश कृषि और कृषको के संबंध में हैं। एक बिल में किसानों दुवारा मंडी में बेचे जाने वाले अनाज और फसलो पर लागू किया है। इस बिल के अनुसार अब कृषक अपनी फसल मंडी से बाहर किसी देश के किसी भी कोने में बेच सकते हैं तो वही व्यापारी इन फसलों को मंडी के बाहर भी खरीद सकते हैं।

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इस बिल / अध्यादेश की कुछ विशेषताए

  • इस अध्यादेश में जो संसोधन हुआ हैं उसके अनुसार इसमे अब किसान अपनी उपज को मंडी के बाहर बेच सकेंगे या यूं कह सकते हैं कि अब व्यापारी फसलो या उपज को मंडी के बाहर भी खरीद सकेंगे।
  • अगर कोई किसान अपनी फसल को मंडी के बाहर बेचता हैं तो उसे मंडी में कोई या किसी भी तरह के टेक्स नही देना होगा वही व्यापारियों को भी उपज को खरीदने के लिए किसी भी प्रकार का टेक्स नही देना होगा अगर वे फसल को मंडी से बाहर खरीदते है तो।
  • इस नए अध्यादेश कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य के अनुसार अब यूं कहा जा सकता हैं कि कृषक अब अपनी फसलो को मंडी के बाहर बेचने पर मजबूर हो जाएंगे क्योंकी इस नए अध्यादेश के अनुसार फसलो के मोल-भाव पर प्रत्यक्ष रूप से व्यापारियों का अधिकार होगा और व्यापारी अब फसलो पर मूल्य तय करेंगे।
  • यूं भी कहा जा रहा हैं कि अब फसलो पर मूल्य तय करना किसानों के हाथ न रहकर अब व्यापारियों के हाथ होगा।
  • अध्यादेश इस बात की कोई गारंटी नही देता की व्यापारी फसल की कम से कम कितनी कीमत देंगे। या यूं कहें कि व्यापारी किसानों को फसल की ज्यादा कीमत या सही कीमत देंगे यह कहना मुश्किल हैं।
agriculture bill 2020 in hindi

इस अध्यादेश से किसानों को लाभ (agriculture bill 2020 in hindi)

इस अध्यादेश से किसानों को कुछ लाभ भी हैं जैसे कि

  • किसान अब अपनी उपजाई फसलो को मंडी के बाहर देश के किसी भी कोने में बेच सकेंगे।
  • किसानों को मंडी में लगने वाले टैक्स को नही देंना पड़ेगा।
    • कृषको को अब अपनी फसल को देश के किसी भी हिस्से में बेचा जा सकता हैं।

इस अध्यादेश से व्यापारियों को लाभ

इस अध्यादेश में व्यापारियों को मिलने वाले लाभ जैसे

  • व्यापारी अब फसलो को देश के किसी भी कोने से खरीद सकते हैं।
  • व्यापारी फसलो के मोल भाव कर सकते हैं।
  • इस अध्यादेश में इस बात की कोई गारंटी नही की व्यापारी किसानों को फसल पर कितना मूल्य कृषको को देंगे।

सारांश (agriculture bill 2020)

इस नए अध्यादेश में किसानों को अपनी फसलो को मंडी से बाहर बेचने का अधिकार होगा तो वही व्यापारियों को भी उपजाई फसलो को मंडी से बाहर देश के किसी भी कोने से अपने दुवारा निर्धारित दरों पर खरीदने का अधिकार होगा।

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मूल आश्वासन पर किसान समझौता ओर कृषि सेवा अध्यादेश 2020

बिते 3  जून को केंद्रीय सरकार दुवारा 3 नए कानून देश मे लागू किये गए यह उनमे से एक हैं। इसको तरह की फसल सेवा को हम contract farming भी कह सकते हैं जिसमे किसानों को कॉन्ट्रैक्ट based फसल का उत्पादन करना होगा वही इस अधिनियम का कहना हैं कि इसमें कृषको को तय की गई कंपनी के अनुसार खेती करनी होगी

  • इस नए अध्यादेश में किसानो को खेती करने के लिए पहले से तय कंपनी के साथ एक समझौता (agreement) करना होगा जिसमें कंपनी किसानों को बीज से लेकर कटाई तक का खर्चा देगी।
  • इस तरह की खेती देश मे पहली बार हो रही हैं जिसमे किसानों को agreement के साथ खेती करनी पड़ेगी।
  • इस तरह की खेती में कार्य करने से पहले किसानों को एक तय कंपनी या कृषि संगठन के साथ एक लिखित agreement करना होगा जिसमें किसानों व कंपनी ओर कृषि संगठन तय करेंगे कि किसान अपने दुवारा उपजाई फसल को किस कीमत पर बेचेगा।
  • इसमे अध्यादेश शब्द का मतलब sponsor हैं जिसमे वो स्पांसर किसान से फसल को खरीद सकता हैं।
  • इस तरह की खेती में कीमत पहले से तय होती हैं।
  • Agreement में उत्पाद के किये चुकाई जाने वाली कीमत जरूर लिखी होनी चाहिये।
  • अगर इस मामले में कोई विवाद होता हैं तो उसे हल करने के लिए SDM ओर जिला कलेक्टर जवाबदेह होंगे, पर क्या यह संभव है कि SDM ओर DM इस प्रक्रिया को आसानी से पूरा कर पाएंगे क्योंकि उनके पास पहले से कई जिम्मेदारिया होती हैं।

किसान विधेयक बिल Kisan Bill 2020 In Hindi सारांश

इस तरह की खेती में किसानो ओर कंपनी एवं कृषि संगठनो दोनो को फायदा हो सकता हैं।

अनिवार्य वस्तु (संसोधन) अधिनियम 2020

बीते 3 जून 2020 को केंद्रीय सरकार दुवारा 3 नए अध्यादेश जारी किए गए जिसमे से यह एक है। इस अधिनियम संसोधन में कुछ आवश्यक वस्तुओं जैसे खाने – पीने की चीज़े, दवाइयां इत्यादि पर एक निच्छित बंदिश लगाई जाएगी जिसमें

  • कुछ वस्तुओं को अनिवार्य वस्तुएं घोषित किया जाएगा जिसमे मुख्यतः खाने-पीने की वस्तुएं, दवाइयां इत्यादि।
  • इस वस्तुओं के थोक व रिटेलर दुवारा किये जाने वाले स्टॉक पर रोक लगाई जाएगी।
  • इन वस्तुओं की मांग व पूर्ति में किसी भी तरह की दिक्कत ना आये इस बात पर घ्यान दिया जाएगा।
  • बाजार में इन आवश्यक वस्तुओं की मांग और पूर्ति में काफी फायदा लोगो को होगा।

हाल में कोरोना के समय मे सेनेटाइजर ओर मास्क को अनिवार्य वस्तु घोषित कर दिया है।

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निष्कर्ष

इस लेख में हमने सरकार दुवारा जारी किए गए 3 नए अध्यादेशों के बारे में पढ़ा व समझा है। इस बिल में अगर कोई नया update आता हैं तो हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से बता देंगे। 

agriculture bill 2020 in hindi FAQ

Q. क्या यह नए बिल किसानों के हित मे काम करेंगे?

A. यह सारे अधिनियम किसानों के हित के लिए ही बनाये गए है फिर भी यह देखने लायक होगा कि सरकार इसमे क्या फैसला करेग

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